जीवन जीना आसान नही मेरे दोस्त
नाजाने कितने यहाँ roej हार जाते हैं,
कोई माँ बाप के लिये कोई बच्चो के लिये
चिलचिलाती धूप से लड़ना सीख जाते हैं,
माँ बाप के लिए उन्ही से दूर जाना
दिल पर पथर रखने के बराबर होता हैं,
जब याद आती है माँ की खाना खाते समय
रोटियों को भी आशुओ से गीला होते देखा हैं,
मजबूरी कहो या कहो उनकी दीवांगी
हर इंसान कही ना कही लड़ता नजर आता हैं,
जीवन भर जतन किये ऐशोआराम के लिये
एक वक़्त वो भी बेबस हाथजोड खड़ा रह जाता है
Vishal(vansy)
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